
(स्थान: डंकेन का महल। मैकडफ और लेनोक्स एक कमरे में हैं।)
(दृश्य शुरू होता है।)
मैकडफ:
(चौंकते हुए) अरे! क्या हुआ, लेनोक्स? रात तो बड़ी अजीब थी, है ना? कुछ तो गड़बड़ है।
लेनोक्स:
(थोड़ा असहज) हाँ, सच में। हवा में कुछ अजीब सा है। जैसे कोई बुरी किस्मत आ रही हो।
(मैकबेट अंदर आता है, चेहरे पर चिंता।)
मैकबेट:
(सहजता से) क्या चल रहा है, दोस्तों?
मैकडफ:
(भयभीत) कुछ नहीं, बस रात की बातें कर रहे थे। सुनो, तुम्हारे राजा… डंकेन… वो… वो मरे हैं।
(मैकबेट चौंक जाता है।)
मैकबेट:
(नाटक करते हुए) क्या? कैसे?
लेनोक्स:
(गंभीरता से) कुछ लोग कहते हैं कि हत्या हुई है। सब कुछ उल्टा-पुल्टा हो गया है।
(मैकबेट भीतर ही भीतर घबराता है।)
मैकबेट:
(जोर से) नहीं! यह असंभव है। हमें तुरंत कुछ करना होगा।
(दोनों उदास और चिंतित होते हैं।)
मैकडफ:
(निश्चय से) हमें इसकी जांच करनी होगी। हमें यह पता लगाना होगा कि किसने यह किया।
(सभी एक-दूसरे की ओर देखते हैं, चिंता के साथ।)
