Macbeth (हिन्दी अनुवाद): Act 2 Scene 2

(स्थान: एक अंधेरे कक्ष में, मैकबेथ और लेडी मैकबेथ ने राजा डंकन की हत्या कर दी है। दोनों में तनाव और अपराधबोध का माहौल है।)

(लेडी मैकबेथ)
(घबराई हुई)
क्या तुमने वह सब कर लिया जो कहा था मैंने?
क्या तुम्हारे हाथों में खून लगा है?

(मैकबेथ)
(परेशान)
हां, मैंने किया।
पर मुझे डर लग रहा है, लेडी!
उसने मुझे देखा, वह मुझे पहचान गया।
क्या किया मैंने! क्या किया मैंने!

(लेडी मैकबेथ)
(उदासीनता से)
तुम्हें डरना नहीं चाहिए।
हमने जो किया, वह सत्ता के लिए है।
किसी भी कमजोर भावना को अपने से दूर रखो।
(हाथ में खून की एक बूंद देखते हुए)
ये हाथ अब कभी साफ नहीं होंगे।

(मैकबेथ)
(हाथ धोते हुए)
नहीं, मैं इसे नहीं मिटा सकता।
तुम्हें नहीं पता, लेडी!
मैंने उसे मार डाला।
उसकी आँखें, उसकी आवाज़,
सब कुछ मेरे मन में गूंज रहा है।

(लेडी मैकबेथ)
(क्रोधित)
बस करो! ये सब बातें छोड़ दो।
हमने जो किया है, वो वापस नहीं होगा।
(एक पल रुककर)
लेकिन, ये तो सोचो, अब हम सत्ता में हैं।
किसी को भी शक नहीं होगा।

(मैकबेथ)
(संदेह में)
क्या अगर कोई जान गया?
क्या अगर कोई हमें पकड़ ले?
सपने में भी मैं उसे देखता हूं।
(गहरी सांस लेते हुए)
मैं यह सब नहीं सह सकता।

(लेडी मैकबेथ)
(धीरे से)
धैर्य रखो।
तुम्हें खुद पर विश्वास करना होगा।
अब सब कुछ ठीक होगा।
(एक पल रुकते हुए)
और याद रखो,
जो हमने किया, वो हमारी ताकत है।

(मैकबेथ)
(थका हुआ)
ताकत या कमजोरी?
क्या मैं इसे सहन कर पाऊंगा?
(आसमान की तरफ देखते हुए)
मेरे पास कोई रास्ता नहीं!

(लेडी मैकबेथ)
(संकल्प के साथ)
तो फिर चलो,
आगे का रास्ता साफ है।
अब हमें किसी को भी हमारी योजना का पता नहीं चलने देना है।

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