
(दृश्य 6: एक महल के बाहर)
(मैकबेट और लेडी मैकबेट महल के सामने खड़े हैं। राजा डंकन और उनके साथी आते हैं।)
डंकन:
(महल की ओर देखते हुए)
क्या सुंदर जगह है! ये जगह तो स्वर्ग जैसी लगती है।
मैकबेट:
(मुस्कुराते हुए)
आपका स्वागत है, महाराज। यहां की शांति और सुंदरता आपको भाएगी।
लेडी मैकबेट:
(आगे बढ़ते हुए)
आपका स्वागत है, महाराज।
(मुस्कुराते हुए)
आपकी मेहमाननवाज़ी में कोई कमी नहीं होगी।
डंकन:
(संतुष्ट होकर)
आपकी बातें सुनकर मन को सुकून मिलता है।
(थोड़ा गंभीर होकर)
मैकबेट, तुमने अपने साहस और वफादारी से मुझे हमेशा गर्वित किया है।
मैकबेट:
(निवेदन करते हुए)
यह सब आपके आशीर्वाद का फल है, महाराज।
(आंखों में आत्मविश्वास)
आपकी सेवा में हमेशा तत्पर रहूंगा।
लेडी मैकबेट:
(राजा की ओर देखते हुए)
आपकी उपस्थिति इस महल को और भी रोशन कर देगी।
(फिर से मुस्कुराते हुए)
बस, खुशी से रहें।
(राजा और अन्य लोग महल के अंदर जाते हैं।)
डंकन:
(महल के अंदर जाते हुए)
आओ, इस आनंद के पल को मनाएं।
