अभिज्ञानशाकुंतलम् (The Recognition of Shakuntalā)
परिचय लेखक:महाकवि कालिदास, जिन्हें संस्कृत साहित्य का सर्वश्रेष्ठ कवि माना जाता है। उनकी भाषा में सहजता, लय, और चरम मनोरम अलंकार विद्यमान है। नाटक की पृष्ठभूमि: पात्रावलि प्रस्तावना (Prologue) वक्त्ररुण (Narrator): हे दर्शकों!रज-वर्ण वस्त्र राहु-चिह्न-सी अलंकृत कर लो,समस्त इन्द्रियाँ संयम के व्रत में बंधाएं,चित्त-सरिताएँ समाधि-लहरों में लीन हों; क्योंकि अब एक अत्यंत पावन, दैवी प्रेमकथाआपके […]
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