Macbeth (हिन्दी अनुवाद): Act 2 Scene 3

(स्थान: डंकेन का महल। मैकडफ और लेनोक्स एक कमरे में हैं।)

(दृश्य शुरू होता है।)

मैकडफ:
(चौंकते हुए) अरे! क्या हुआ, लेनोक्स? रात तो बड़ी अजीब थी, है ना? कुछ तो गड़बड़ है।

लेनोक्स:
(थोड़ा असहज) हाँ, सच में। हवा में कुछ अजीब सा है। जैसे कोई बुरी किस्मत आ रही हो।

(मैकबेट अंदर आता है, चेहरे पर चिंता।)

मैकबेट:
(सहजता से) क्या चल रहा है, दोस्तों?

मैकडफ:
(भयभीत) कुछ नहीं, बस रात की बातें कर रहे थे। सुनो, तुम्हारे राजा… डंकेन… वो… वो मरे हैं।

(मैकबेट चौंक जाता है।)

मैकबेट:
(नाटक करते हुए) क्या? कैसे?

लेनोक्स:
(गंभीरता से) कुछ लोग कहते हैं कि हत्या हुई है। सब कुछ उल्टा-पुल्टा हो गया है।

(मैकबेट भीतर ही भीतर घबराता है।)

मैकबेट:
(जोर से) नहीं! यह असंभव है। हमें तुरंत कुछ करना होगा।

(दोनों उदास और चिंतित होते हैं।)

मैकडफ:
(निश्चय से) हमें इसकी जांच करनी होगी। हमें यह पता लगाना होगा कि किसने यह किया।

(सभी एक-दूसरे की ओर देखते हैं, चिंता के साथ।)

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