हिरन और शेर की कहानी moral stories in hindi for kids

moral stories in hindi for kids

हिरन और शेर की कहानी moral stories in hindi for kids

एक बार की बात है, एक सुंदर सा हिरण हुआ करता था।

 
 
और वह अक्सर हैरान एक तालाब में जा कर के अपने चेहरे को देखता था।
 
 
और कहता था कि कि, मेरे पास कितना सुंदर सिंग हैै और लेकिन काश कि मेरे पास जो पैर है ,काश कि वो पैर भी इतने सुंदर होते।
 
                 

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तो एक दिन ऐसा होता है कि उस ईरान को एक शेर देखता है और उसका पीछा करने के लिए काफी दूर तक उसके पीछे भागता है 
 
 
और वह हिरण भी अपनी पूरी ताकत के साथ शेर से बचने के लिए भागने के लिए बहुत कोशिश कर रही थी ।
 
 
लेकिन उसके सिंग पैरों की शाखाओं में के बीच में फस जाए करती थी अक्सर जो कि उसको शेर समझने में बहुत दिक्कत दे रही थी।
 
 
और जल्दी हीरोइन को यह महसूस होने लगा कि अब उसका अंत बिल्कुल करीब है, और उसके मरने के पीछे कारण उसका सिंग जिम्मेदार है।
 
 
लेकिन बाद में उसके बहुत कोशिश करने के बाद भी उसके मजबूत पैरों की मदद से ही वह खुद को अपने उस शक सिंह में फंसे शाखाओं से छू रा थोड़ा पाती है।
 
और फिर जल्दी तेजी से भागने के बाद वो शेर से भी बचने में कामयाब हो जाती है।
 
 
 
इसके बाद से फिर हीरोइन को यह एहसास होता है कि अगर उसके मजबूत बदसूरत पैरों ने उसकी जान बचाई है।
 
 
जबकि तो उसके सिंग उसकी मौत का कारण भी हो सकता था।
 
सब हीरोइन को यह लगता है कि उसे खतरे से बाहर रखने के लिए उसके सिंग से ज्यादा उसके पैरों की ही ज्यादा जरूरत है।
 
 
और फिर उसके बाद से कभी भी उसने यह नहीं सोचा कि उसके पैर कभी बदसूरत हैं।
 
 
 
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