सोच समझ कर बोलें moral stories in hindi for class 7

moral stories in hindi for class 7

 

 

सोच समझ कर बोलें moral stories in hindi for class 7

एक आदमी ने एक दिन पादरी के सामने अपने पड़ोसी की खूब निंदा की थी बाद में जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो हुआ फिर से पादरी के पास पहुंचा और उसे गलती के लिए क्षमा मांगने लगा।
तब पादरी ने उससे कहा कि वह पंखों से भरा एक थैला शहर के बीचोंबीच बिखेर देते हैं उस आदमी ने बाजरे की बात सुनकर ऐसा ही किया और फिर पादरी के पास पहुंच गया।
उस आदमी की बात सुनकर पादरी ने उससे कहा कि जाओ उन सभी पंखों को फिर से पहले में भर कर के वापस ले आओ।
अब वो आदमी थोड़ा हिचकी जाकर पादरी का आदेश मानते हुए उसने ऐसा करने की बहुत कोशिश की लेकिन बाद में भी वह सभी पंखों को जमा नहीं कर पाया।

जब आधा भरा हुआ था ला लेकर गया वह पादरी के सामने पहुंचा तो पादरी ने उससे कहा कि यही बात हमारे जीवन में भी लागू होती है।
जिस तरह तुम पंख को वापस नहीं ला सकते उसी तरह तुम्हारे यह कटु वचन को भी वापस नहीं किया जा सकता है।

उस आदमी का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करना संभव तो नहीं है आलोचना का मतलब नकारात्मक बातें करना और शिकायत करना ही होता है बल्कि आलोचना सकारात्मक भी हो सकती है।

आपकी यह कोशिश यही होनी चाहिए कि आपकी आलोचना से आपके द्वारा सुझाए गए सभी विचार से किसी की सहायता हो सके।

शिक्षा/moral:। दोस्तों कई बार यह देखा गया है कि मां बाप के द्वारा बच्चों से की गई बातचीत खत्म उनके पूरे भविष्य की रूपरेखा को भी तय कर देता है।इसलिए घर से लेकर बाहर दोस्तों के साथ कुछ भी कहने में सावधानी बरतना चाहिए इसलिए अगर आप सोच समझकर बोलेंगे तो आपको हमेशा ही फायदा होगा।

 

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योग्य राजा का चुनाव moral stories in hindi for class 7

एक बार की बात है चंदनवन नाम का एक जंगल था। और उस जंगल का राजा शेर था।
अब चंदनवन का राजा शेर बहुत ज्यादा बड़ा हो गया था। तो इसी कारण उसने शिकार करने के लिए घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया था।
अब वह ज्यादा दिन तक उसे जंगल पर अपना शासन नहीं कर सकता था तो वह इसी वजह से उस जंगल में बहुत ही ज्यादा अशांति पैदा हो गई थी।
क्योंकि राजा तो बूढ़ा हो चुका था।
तब उस शेर ने 1 दिन सभी जानवर को बुला कर के कहा कि तुम जाकर के सभी जानवरों में से एक को राजा चुन लो। मैं तुम्हारी रक्षा नहीं कर सकता हूं।
तुम सब अपने लिए कोई दूसरा राजा को चुन लो।

जो कि जंगल की व्यवस्था को देख सकता और बाकी सब कुछ पहले जैसा हो जाए क्योंकि मैं तो बड़ा हो चुका हूं इसलिए और अधिक दिन तक इस जंगल पर राज्य नहीं कर सकता हूं।
तू इस पर सभी जानवरों ने एक साथ इकट्ठा होकर के सहमति करने का विचार किया और वह इसके बाहर आकर आपस में विचार करने लगे कि।
अब समस्या तो यह हो गई कि सभी जानवर खुद को ही राजा बनने के योग मान बैठे थे दो इस पर सभी ने अपने अपने मतभेद भी बहुत ज्यादा थे।
इस पर काफी देर के बाद तक भी जब सहमति नहीं बन पाई तो चंदू नाम का खरगोश ने सबको एक सुझाव दिया कि सभी जानवरों को उनकी क्षमता के अनुसार ही उनको काम दिया जाएग।
और 10 दिन के बाद फिर से यहीं पर हम सब इकट्ठा होंगे और जानवरों के द्वारा किए गए सभी कामों की जांच करेंगे जिसने सबसे अधिक ज्यादा काम किया होगा वही राजा बनने के योग होगा।
इस पर सभी जानवरों कोउनकी जिम्मेदारी दे दिया गया था और मोटू हाथों की जिम्मेदारी यह मिल थी कि वह बड़े-बड़े पत्थरों को गड्ढे में से निकालना डालना है।

अब 10 दिन तो बड़ी आसानी से बीत गए थे सभी जानवर जब इकट्ठा हुए तो देखा कि मोटू हाथी हाथी को छोड़कर के सभी लोगों ने अपना अपना काम कर दिया है।
तो वह लोग फिर से दुविधा में आ गए ऐसे में पक्षीराज गरुड़ ने एक मतदान करने की सलाह दिया तो सब इसके लिए फिर से राजी हो गए।
जब मतदान हुआ तो देखते हैं कि सभी सबसे अधिक वोट जिसके पक्ष में पड़ा है वह तो मोटू हाथी है।
आप सबको हैरानी थी कि सबसे ज्यादा वोट मोटू हाथी कोई कैसे पड़ा तो सब को बड़ी हैरानी हो होते हुए एक चिड़िया ने आकर के सब की उलझन को दूर किया।
तब उस चिड़िया ने कहा कि मोटू हाथी ने इसलिए गड्ढे में पत्थर को नहीं डाला क्योंकि गड्ढे में हुए एक छोटे पैर पर मैंने अंडा दिया हुआ था।
और मोटू ने अपने राजा बनने की परवाह नहीं करते हुए मेरे बच्चों को जीवन के बारे में बहुत अधिक सोचा
इसलिए गरुड़ ने मतदान का सुझाव दिया क्योंकि जो अपनी नहीं सोच कर दूसरों के बारे में ज्यादा सोचते हैं वही राजा बनने के काबिल होते हैं।
तब वहां पर मौजूद सभी जानवरों ने ध्वनि मत से हां में हां मिला करके कहा और मोटू हाथी को वहां का राजा घोषित कर दिया गया था।
और इसके बाद चंदन होने फिर से कभी भी अशांति नहीं हुई थी।

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