Macbeth (हिन्दी अनुवाद): Act 3 Scene 1

(एक महल का कक्ष, शाम का समय। मैकबेथ और बैंको एक-दूसरे से बात कर रहे हैं।)

मैकबेथ:
(एकांत में) बैंको, तुम जानते हो कि मैं तुम्हारा दोस्त हूँ। लेकिन तुमसे एक चिंता है।

बैंको:
(संदेह से) क्या बात है, मैकबेथ? तुम्हारा चेहरा कुछ बोझिल सा लग रहा है।

मैकबेथ:
(गंभीरता से) मैंने तुमसे एक वादा किया था। और अब, जब मैं राजा बन गया हूँ, मुझे तुम्हारी भलाई की चिंता है।

बैंको:
(चिंतित) भलाई? क्या तुम मुझसे कुछ छिपा रहे हो?

मैकबेथ:
(सिर्फ बैंको को) नहीं, नहीं। मैं सिर्फ यह चाहता हूँ कि तुम मेरे साथ रहो, लेकिन तुम्हारे बेटे…

बैंको:
(आश्चर्य में) मेरे बेटे? क्या तुम मुझसे कुछ कहना चाहते हो?

मैकबेथ:
(थोड़ा चिढ़कर) नहीं, पर कुछ सोचना ज़रूरी है।

(लौगों का प्रवेश)

(मैकबेथ को एक योजना सूझती है।)

मैकबेथ:
(आवाज में ठहराव) मैं जानता हूँ कि हमें कुछ करना होगा।

(मैकबेथ और बैंको के बीच एक नज़र का आदान-प्रदान।)

(कक्ष में हलचल बढ़ती है।)

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